skip to main
|
skip to sidebar
ghulte rang
Thursday, December 24, 2009
"क्यारी"
"क्यारी"
Thursday, December 17, 2009
प्रकृति
Wednesday, December 16, 2009
अविस्मर्णीय यात्रा
उलटते पलटते बर्के किताब के,
उभर आयी कुछ यादें पुरानी,
गुलाब की कुछ सुखी पंखुडियां...
कुछ टुकड़े पुराने ख़त के...
दीमक की कुछ खाई यादें...
कुछ सिलाब
की दाग भरी...
मिटती बनती यादों की तस्वीरे ...
जैसे पानी में बनती लकीरें....
1३-११-२००४
धुंधली यादें ......
धुंधली यादें ......
Friday, December 11, 2009
....सूखे पत्ते जो कह जाते
पतझारों में झड़ कर
प्यासे अंतस में न सुनु कथा
वही
तुमसे बिछड़ कर ....
-संजीव
(१४ सितंबर २ooo )
जल परी (अमृत सरोवर)
पिछले सप्ताह अपनी अमृतसर (स्वर्ण मन्दिर) यात्रा के समय यह विडियो मैंने वहां के सरोवर में बनाया था,
Tuesday, December 8, 2009
दो पंखुडियां बिन जिसके फूल अधूरा,
दो पंक्तियाँ जिस बिन गीत न पूरा,
Newer Posts
Older Posts
Home
Subscribe to:
Posts (Atom)
Blog Archive
►
2013
(1)
►
July
(1)
►
Jul 02
(1)
►
2010
(4)
►
February
(2)
►
Feb 23
(1)
►
Feb 14
(1)
►
January
(2)
►
Jan 24
(1)
►
Jan 17
(1)
▼
2009
(13)
▼
December
(7)
▼
Dec 24
(1)
"क्यारी"
►
Dec 17
(1)
प्रकृति
►
Dec 16
(2)
अविस्मर्णीय यात्रा
धुंधली यादें ......
►
Dec 11
(2)
....सूखे पत्ते जो कह जातेपतझारों में झड़ करप्यासे ...
जल परी (अमृत सरोवर)
►
Dec 08
(1)
दो पंखुडियां बिन जिसके फूल अधूरा,दो पंक्तियाँ जिस ...
►
November
(2)
►
Nov 13
(1)
►
Nov 10
(1)
►
August
(4)
►
Aug 12
(4)
About Me
Munish Tanwar
View my complete profile